कलम तेरी आज़ाद हैं

लिख तू अपनी मुफ़लिसी

या लिख तू अपनी बादशाहत

जा कलम तेरी आज़ाद हैं

लिख तू अपने सारे दर्द

या लिख तू अपनी मुस्कुराहट

..जा कलम तेरी आज़ाद हैं

लिख तू राह के सारे काँटे

या लिख तू अपनी मंज़िले

जा कलम तेरी आज़ाद हैं

लिख तू अपनी भूली चाहत

या लिख तू अपनी नयी इबादत जा कलम तेरी आज़ाद हैं

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