मधुर मन में तेरे सपने पिया

मधुर मन में तेरे सपने पिया

मान जाओ मेरी बात यों न तरसाओं ।

मेरे हर्षित आँखों में तुम पिया

यों गुदगुदाई न करो तन काँप उठे ।

ठंडी पवन में मधुर यादें तेरे

झूमकर मेरे पास आकर सपने सजाएँ ।

सेहमी सी मन को मीठी चुंबन दे पिया

हृदय में भाव हलचल मचकर मुझे चूमें ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *