मानवता

ईश्वर की सुन्दर कृति मानव

ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति मानव

ईश्वर की कल्पना की सुन्दर आकृति मानव

मानव की आत्मा मानवता

ईश्वर की मानव से निज सर्वश्रेष्ठ कृति से

एक ही अभिलाषा मानवता

मानवता दया का करूणा का प्रेम का सुन्दर भाव

मानवता जीवन का अस्तित्व का मूल आधार

जया दया जहां करूणा जहाँ प्रेम वहाँ मानवता

जहाँ मानवता वहाँ वास्तविक धर्म

जहाँ मानवता वहाँ सुन्दर जीवन

जीवन की सुन्दर व्याख्या मानवता

जीवन का वास्तविक धर्म मानवता

विडंबना है आज गिरावत इस सुन्दर आभूषण की

जीवन हो रहा आत्म निष्ठ आत्म केन्द्रित

दया करूणा ममता ये सुन्दर भाव हो रहे विलुप्त

उत्पन्न हो रहे क्रोध अहं, bZ’;kZ

जीवन के ये तिरस्कृत रूप

अवगुणों की ये खान

जीवन को बना देते बेजान

मानवता को निगल रहे क्रोध, bZ’;kZ] अहंकार

जीवन को जगत को ये बना रहे श्मशान

शायद आज हैं यहाँ संस्कारों की कमी

आदर्शों की कमी तभी मानवता में आई

आज इतनी कमी

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