वेटवा का दुल्हनियाँ

हँसि-हँसि बोले री बचनियाँ,

मेलवा में सजनियाँ।

बिटिया का लेहौं मैं बजनियाँ,

वेटवा का दुल्हनियाँ।।

लैहौ न तो मैं बतिऐहौ न तोसे,

आऊँ न साँझ मैं मचनियां।

मेलवा में सजनियाँ…।।

गोरे-गोरे हथना में कंगना सजौवै,

सांझ सकारे पिया तुमका रिझौवै।

लेहौं पिया मैं करधनियाँ।।

मेलवा में सजनियाँ…।।

देखि हैं री मोरी सब गोरी या वदनियाँ,

देखि-देखि वरै री ये मोरी पड़ोसनियाँ।

जब ओढि कै चलूँगी ओढ़निया।।

मेलवा में सजनियाँ…।।

मेलवा कै बिचवा मा हम कछु लगिहौं,

पिया तोरे संग जब मेलवा बिचरिहौं।

कहैं सब देखिला किसनियाँ।।

मेलवा में सजनियाँ…।।

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