Month: August 2021

मधुर मन में तेरे सपने पिया

मधुर मन में तेरे सपने पिया मान जाओ मेरी बात यों न तरसाओं । मेरे हर्षित आँखों में तुम पिया यों गुदगुदाई न करो तन काँप उठे । ठंडी पवन में मधुर यादें तेरे झूमकर मेरे पास आकर सपने सजाएँ । सेहमी सी मन को मीठी चुंबन दे पिया हृदय में भाव हलचल मचकर मुझे …

साँस में खैद कर लूँ

पिय तेरे हाथों में हाथ डालकर कुछ दूर तेरे पीछे पीछे चलने की इच्छा । तेरे आँखों में मुस्कुराते मेरे इश्क़ को देखने की इच्छा । तेरे हृदय के ऊपर सर रखकर तोड़ी देर चैन से सोने की इच्छा । तेरे खुशी में ही यूं मेरे जीवन की सार्थकता देखने की इच्छा । तेरे कल …

मुकदमा

गौर से देखना इस हँसीन चेहरे को कभी तुमने देखा इस चैन भरी आँखों में आँसू ? नहीं पिय देखा नहीं होगा । सच तो यह कि – प्रतिदन दो बूंदे आँसू टपकते तुमसे प्रेम करने‌ की जुल्म जो  हमने कर दी….। माफी की अर्जी भेजी अदालत में मुकद्दमा लड रहे सपने सारे कि – …

जलतरंगिनी

पवन के टंडे झोंकों के स्पर्श से मुस्कुराते चल पड़ी वह नदी उसके संग होले होले जंगल में हर्ष से झूमती जा रही यह  पावनी …. अंजाने में अगर मुलाकात पत्थर से हुई तो, उससे प्यार से मीठी बातें करती चली ये मानिनी…. तट पे मिले हंसों से बलकाती हुई नजरों से पिया से मिलने …

प्रकृति और विनाश

ईश्वर की सुन्दर कृति यह धरा ईश्वर की सुन्दरतम कृति इस धरा पर प्रकृति ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति इस धरा पर मानव धरा प्रकृति मानव इस जगत का सुन्दर स्वरूप तीनों से महकता इस जगत का रूप आज धरा है उदास आज प्रकृति है उग्र, आज मान है बंदी धरा प्रकृति मानव का संतुलन आज …

आदर्श और जीवन

सुन्दर यह धरा, सुन्दर चराचर जगत सुन्दर जगत की हर रचना, सुन्दर इस धरा का हर धाम सुन्दर व्यक्तित्व से आदर्श से भरा पड़ा यह सुन्दर जहान कौन कहता इस जीवन में इस जगत में कुछ नहीं जीवन में यहीं संभावनाएं भी, यहीं कल्पना भी यहीं आदर्श भी, यहीं यथार्थ भी और यहीं अन्तिम सार …

स्वयं की तलाश

जीवन क्या अपनी तलाश जीवन क्या अपनी खोज अपनी तलाश में बैठा तो पाया जीवन तलाश का ही पर्याय जीवन तो सीमित कार्यक्षेत्र असीमित जिस-जिस क्षेत्र में मानव पग धरता वह क्षेत्र मानव का कर्म क्षेत्र, वह क्षेत्र मानव की रंगभूमि रंगभूमि जहाँ मानव अपना अभिनय प्रस्तुत कर कर्मक्षेत्र में रंगभूमि में मानव को होती …

मानवता

ईश्वर की सुन्दर कृति मानव ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति मानव ईश्वर की कल्पना की सुन्दर आकृति मानव मानव की आत्मा मानवता ईश्वर की मानव से निज सर्वश्रेष्ठ कृति से एक ही अभिलाषा मानवता मानवता दया का करूणा का प्रेम का सुन्दर भाव मानवता जीवन का अस्तित्व का मूल आधार जया दया जहां करूणा जहाँ प्रेम …

संतोष

संतोष क्या ? संतोष शून्य हो जाना संतोष क्या ? संतोष स्वयं को जान लेना संतोष क्या ? संतोष यर्थाथ को समझ लेना हो जाता मानव जब स्वयं में शून्य हो जाता जब साक्षात्कार सत्य से हो जाता जब साक्षात्कार ईश्वरीय प्रेम से वो संतोष। तृप्ति ही संतोष इच्छाओं का शून्य हो जाना संतोष भावनाओं …

चिंतन और जीवन

चिंतन जीवन का सुन्दर सार चिंतन जीवन का सुन्दर उपहार चिंतन जीवन की मनमोहक सुगंध चिंतन सबल जीवन का आधार चिंतन से निज परिचय, चिन्तन से आस्था चिंतन से ही मनोबल, चिंतन से ही विजय पराजय जीवन का पड़ाव जब सहम जाता जब अकेलेपन में डूब जाता तब चिंतन ही जीवन को सही दिशा देता …